[दीवान]कामरेड्स! इस शानदार विजय के लिए बधाई

reyaz-ul-haque beingred at gmail.com
Tue Nov 13 01:20:37 IST 2007


 कामरेड्स! इस शानदार विजय के लिए
बधाई<http://hashiya.blogspot.com/2007/11/blog-post_13.html>

<http://bp3.blogger.com/__ZySD_hi8E4/RzipGxXmKFI/AAAAAAAABLo/P08-wmFPs0w/s1600-h/cpm.jpg>














नंदीग्राम को फ़तह कर लिया गया.
यह बेशुमार फ़तहों का दौर है-बगदाद, काबुल और नंदीग्राम इसके अलग-अलग मोर्चे
हैं, जिन्हें फ़तह किया गया है, फ़तह किया जा रहा है. सोमालिया और सूडान कुछ और
मोर्चे हैं. तेहरान जैसे नये मोर्चे भी खुलनेवाले हैं. ये वे जगहें हैं जिन्हें
मुक्त बाज़ार के हिरावल दस्ते ने
मुक्त<http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20070032511&ch=11/11/2007%2011:13:00%20PM>
<http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20070032511&ch=11/11/2007%2011:13:00%20PM>करा
लिया है.

<http://bp2.blogger.com/__ZySD_hi8E4/RzikMhXmKEI/AAAAAAAABLg/esP97fXdZpA/s1600-h/cpm.jpg>लाल
झंडे लिये कामरेड्स बंगाल की सड़कों पर अपनी जीत का जश्न मनाने निकल पडे़ हैं.
हम विजेताओं को उनकी इस शानदार विजय पर बधाई और शुभकामनाएं देते हैं.

इस लडा़ई में हम 'पराजित' लोगों के साथ हैं.

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<http://photos1.blogger.com/x/blogger2/5554/101781040935374/1600/z/919131/gse_multipart26113.jpg>

















वह दूसरे की धरती को
जीतने नहीं जा रहा था
वह जा रहा था
अपनी ही धरती को मुक्त करने
उसका नाम कोई नहीं जानता
पर इतिहास की पुस्तकों में
उनके नाम हैं
जिन्होंने उसे मिटा दिया

वह मनुष्य की तरह जीना चाहता था
इसीलिए एक जंगली जानवर की तरह
उसे जिबह कर दिया गया

उसने कुछ कहा था
फंसी-फंसी आवाज में
मरने से पहले
क्योंकि उसका गला रेता हुआ था
पर ठंडी हवाओं ने उन्हें चारों ओर फैला दिया
उन हजारों लोगों तक
जो ठंड से जकड़ रहे थे.


इस लडाई में, विश्व बैंक, अमेरिकी धन्नासेठों और वैश्विक बाज़ार के लिए हुए इस
कत्लेआम में मारे गये लोगों की याद में
ब्रेष्ट<http://hashiya.blogspot.com/2007/06/blog-post_19.html>की कविता
के अंश.


-- 
REYAZ-UL-HAQUE______________________________
prabhat khabar, old bypass road, kankarbagh, patna-20
Ph - 0612234881
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