[दीवान] ye aam rasta he

balvinder singh baliwrites at gmail.com
Wed Nov 28 14:43:09 IST 2007


namaskar,

यह आम रास्ता नहीं है।
पत्नी ने कहा,''खाली बैठे हो , जाकर बाज़ार से सब्जी ही ला दो। '' हाथ में थैला
थमा दीया और अदरक ज़रूर लाने की हिदायत भी दे डाली । हमने भी सोचा कि सुबह से
पढे पढाये अखबार में अब क्या झख मारें, सो चल दीये थैला उठा कर सब्जी मंडी.पैदल
चलते- चलते रास्ते में ही हमने तय कर लिया था कि सौ रुपये की सब्जी लेंगे। इससे
ज्यादा एक पैसा खर्च न करेंगे।
सब्जी मंडी में सब्जीवाले सब्जियों को सजा सजा कर रख रहे थे। इक्के दुक्के
ग्राहक भी नज़र आ रहे थे। यूं कहिये की सब्जी मंडी की अभी शोरुआत ही हुयी थी।
हमने सब्जी को सुन्घ्कर, दबाकर, नाखून मारकर, यानी हर तरह से ठोक बजाकर , सारी
सब्जियों का मोलभाव करके , तराजू के बातों को जांच परख कर अंततः सब्जी खरीदने
का दुष्कर कार्य एक घंटे मी समाप्त किया । अचानक याद आया क अदरक लेना तो भूल ही
गए। पत्नी के आकाशवाणी को सम्मान देना परमावश्यक था। हमने सब्जी वाले को थोडा
अदरक मुफ्त में देने को कहा। केन्तु वह 'न जाने क्यों ' अदरक न देने के जीद्द
पर अड़ गया । हमने भी उसकी सारी सब्जी यह कहकर लौटा दी,''भैया, अदरक नहीं देते
तो यह लो तुम्हारी सब्जी ।'' वह भी ताव में आ गया और जल्दी जल्दी ठेले मी से
सब्जी निकल कर वापस र्ख ली।
हम भी अपनी धुन के पक्के हे । रघुकुल रीत सदा चली आई , प्राण जाये पर बचन न
जाई। हमने सौ रुपये में सारी सब्जी अदरक समेत लेने का आपको वचन जो दिया था।
इसलिए मन मी कुच्छ निश्चय करके एक कोनाधून्धकर हम वहाँ बैठ गए। आने जाने वाले
आश्चर्य से हमे घूर रहे थे। एक ने तो पूछ ही लिया,'' फक्कड़ चचा, कैसे बैठे
हो?'' ''किसी का इंतजार कर रह हूँ।'' अप्मने बेवकूफी भरे ज़वाब पर हम खुद ही
मुस्कुरा दिए। सब्जी मंदी मी अब लोगों की संख्या बढ़ चुकी थी। सब्जी वालों की
आवाज़ मी तेज़ी आ गयी थी। सौ रुपये में सारी सब्जी लेने के अपने निर्णय को मन
ही मन दोहराकर हम सब्जिम खरीदने आगे बडे। कुछ ही देर में सारी सब्जी खरीद डाली।
सब्जी मंदी से बाहर निकले। पान कि दुकान से एक जूदा पान खाया और घर की और चले।
जेब में आठ दस रूपये बचे थे। सिक्कों कि खनक से हमारी छाती फूली जाती थी।
घर पहुचते ही पत्नी की आवाज़ कानो में पड़ी,'' सब्जी लाने में इतनी देर लगा दी,
दाल छुओंक दी हे हाथ मोंह धोकर खाना खा लो।''
prem sahit,

balvinder ''bali''
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