[दीवान] alok puranik - bazar bhav reporting/8
Ravikant
ravikant at sarai.net
Thu Nov 29 19:23:14 IST 2007
आठवीं पोस्ट -1998-2007 की अवधि
शेयर बाजार पहले पेज पर भी
वक्त बदल रहा था। शेयर बाजार से जु़ड़ी खबरों का मिज़ाज भी बदल रहा था। मतलब ये खबरें सिर्फ
कुछ निवेशकों तक सीमित नहीं रह गयी थीं। इन खबरों के असर का दायरा बढ़ रहा था। इसी वजह से
ये खबरें अब पहले पेज पर भी आने लगी थीं-
राष्ट्रीय सहारा 27 मई, 2000 पहले पेज पर एयर इंडिया के 60 फीसदी शेयर बेचने का फैसला
विनिवेश पर विश्वस्तरीय सलाहकार की नियुक्ति
सहारा समाचार-एजेंसियां
नयी दिल्ली-लंबे समय की रस्साकसी के बाद सरकार ने घाटे में चल रही एयर इंडिया के 60 प्रतिशत
शेयरों को अंतत बेचने का महत्वपूर्ण फैसला किया पर इसके लिए किसी समय सीमा का निर्धारण नहीं
किया है। इसके साथ ही सरकार ने हिन्दुस्तान टेलीप्रिंटर्स लिमिटेड के 74 प्रतिशत शेयरों को बेचने
का फैसला भी किया है। सरकार इसके विनिवेश के बारे में सलाह देने के लिए एक विश्वस्तरीय सलाहका
र की नियुक्ति का भी फैसला किया है। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता में विनि
वेश से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति –सीसीडी-की बैठक में हुए इस निर्णय की जानकारी विनिवेश
मंत्री अरुण जेटली ने आज संवाददाताओं को दी।
श्री जेटली ने कहा कि एयर इंडिया में सरकार की 40 प्रतिशत भागीदारी बनी रहेगी। शेष 60
प्रतिशत शेयरों में से 40 प्रतिशत आर्थिक रुप से संपन्न साझेदारों के लिए तथा 10 प्रतिशत घरेलू नि
वेशकों और वित्तीय संस्थानों तथा शेष दस प्रतिशत एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए निर्धारित
किये गये हैं। .............
राष्ट्रीय सहारा 17 नवम्बर 2000
पहली लीड तीन कालम पहले पेज पर
बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी घटाने के प्रस्ताव को मंजूरी
संसद के शीत सत्र में विधेयक लाने का कैबिनेट का फैसला
सहारा एजेंसियां
नयी दिल्ली 16 नवम्बर । बैंक कर्मचारियों के भारी विरोध और कल हुई देश व्यापी हड़ताल के बावजूद
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकारी भागीदारी 51 प्रतिशत से घटाकर 33 प्रतिशत करने
संबंधी प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी तथा इस आशय के विधेयक को सोमवार से शुरु होने वाले संसद के
शीतकालीन अधिवेशन में रखने का फैसला किया है। .........
राष्ट्रीय सहारा 19 नवम्बर 2000 पहले पेज पर तीन कालम की रिपोर्ट
मारुति समेत तीन कंपनियों में अपने शेयर बेचेगी सरकार
विनिवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए कैग से समीक्षा करायी जाएगी
सहारा समाचार-एजेंसियां
नयी दिल्ली 18 नवम्बर। विनिवेश संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने मारुति उद्योग लिमिटेड ,इंडियन
पेट्रोकेमिकल्स और पारादीप फास्फेट्स में केन्द्र सरकार की शेयर भागीदारी बेचने का निर्णय किया
है। .....................
सेनसेक्स पहले पेज पर
मुंबई शेयर बाजार के संवेदनशील सूचकांक सेनसेक्स का महत्व हाल के सालों में यह हो गया है कि उसके बा
रे में पहले पेज पर लगातार खबरें छपती हैं। स्थिति यह रही कि किसी महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर
सेनसेक्स की प्रतिक्रिया खासी महत्वपूर्ण मानी जाने लगी। उदाहरण के लिए देखें-
-दैनिक भास्कर दिल्ली फरीदाबाद राष्ट्रीय संस्करण 13 जुलाई, 2006 के पहले पेज पर ऊपर दर्ज
है-आतंकी को मुंह चिढ़ाकर सेंसेक्स 316 अंक चढ़ा।
-नवभारत टाइम्स 13 जुलाई, 2006 नई दिल्ली संस्करण के पहले पेज की सिंगल कालम की
खबर का शीर्षक है-शेयर बाजार को पटरी ने नहीं उतार पाए धमाके
-हिन्दुस्तान 13 जुलाई, 2006 पहले पेज पर सिंगल कालम-विस्फोटों का शेयर बाजार पर असर नहीं
दैनिक जागरण 13 जुलाई, 2006 में पेज नंबर आठ पर अर्थ जगत है। इसमें निम्नलिखित शीर्षकों वाली
खबरें हैं-
उम्मीद से बेहतर रहे इन्फोसिस के परिणाम-दो कालम
बेखौफ बाजार ने आतंकी इरादों पर पानी फेरा-चार कालम की शीर्षक के तहत शेयर बाजार और सोने
की तेजी की खबरें
हिन्दुस्तान 13 जुलाई, 2006 के पेज 12 पर बाजार रिपोर्टिंग है।
सोने-चांदी और मंडी के भाव दशकों पुराने अंदाज में कुछ इस तरह से हैं-
-लंदन में तेजी से सोना-चांदी भड़कीं
नई दिल्ली-एनएनएस-मुंबई खूनी बमकांड के दृष्टिगत बिकवाली घट जाने और लंदन-न्यूयार्क के
तेज समाचार से दोनों कीमती धातुएं भड़क गयीं। हाजिर चांदी 450 रुपए किलो बढ़कर 17850 रुपए हो
गयी। शुद्ध सोना 9750 रुपए पर 240 रुपए प्रति दसग्राम ऊंचा बोला या। व्यापारिक क्षेत्रों के
अनुसार शादियों का सीजन न होने से सोने में केवल भाव ही भाव चमक रहे हैं लेकिन ग्राहकी नजर
नहीं आती।.........
आवक बढ़ने से चावल टूटा
नई दिल्ली-एनएनएस- गेहूं की आवक सामान्य के बावजूद दक्षिण भारत के लिए निरन्तर रैक लगने से ती
न-चार रुपए और बढ़कर इसके भाव 867-872 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। आटा भी पांच रुपए बोरी
तेज हो गया। यूपी से साठी और परमल चावल की आवक बढ़ने से 10-20 रुपए घटकर गवरमेंट क्वालिटी
के भाव 960-980 रुपए एवं आईआरआठ कच्चा 880-890 रुपए गए।
गौर की बात यह है कि शेयर बाजार की रिपोर्टिंग में तो इस दशक में खासे महत्वपूर्ण बदलाव
चिह्नित किये गये, पर सर्राफा, मंडी की रिपोर्टिंग में उतने बदलाव नहीं देखे गये। भाषा प्रस्तुति के
स्तर पर खास परिवर्तन नहीं देखे गये। शेय़र बाजार की कवरेज में इंगलिश शब्दों की भूमिका लगातार
महत्वपूर्ण होती गयी, ग्लोबल कारकों की रिपोर्टिंग को महत्व मिलना शुरु हुआ, पर ऐसा कुछ सर्रा
फा, मंडी रिपोर्टिंग में नहीं हुआ।
विस्तार के लिए पढ़ें इकोनोमिक टाइम्स.........
नवभारत टाइम्स 13 जुलाई, 2006 के पेज 13 और 15 के नाम हैं- दि इकोनोमिक टाइम्स, यह लिखा
भी इंगलिश में है।
पेज नंबर 13 पर सिंगल कालम खबर है-ब्लास्ट से बेअसर बीएसई सेंसेक्स 316 अंक उछला, यह खबर ग्राफ
के साथ है।
दो कालम में नेशनल स्टाक एक्सचेंजों के शेयर भाव हैं। बीच में लिखा हुआ है फार मोर डिटेल्स आन स्टा
क्स रीड दि इकोनोमिक टाइम्स
शेयर बाजार में करेक्शन, अमेरिकी संकट
2007 तक बाजार की भाषा में इंगलिश अच्छी-खासी घुसने लगी थी, बाजार की रिपोर्टिंग की भाषा
में अंगरेजी का प्रयोग रिपोर्टों और शीर्षकों में होने लगा था।
नवभारत टाइम्स 21 नवंबर, 2007 पेज नंबर 13, दो कालम की खबर
करेक्शन की वजह से 353 अंक गिरा सेनसेक्स
वार्ता, मुंबई –करेक्शन यानी तकनीकी सुधार की वजह से देश के स्टाक मार्केट्स मंगलवार को औंधे मुंह
नीचे आये। कारोबार के दौरान तेज उतार-चढ़ाव भरे कामकाज में 500 अंक की उठापटक के बाद बाम्बे
स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 353 अंक और नैशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 127 अंक
नीचे बंद हुआ।
जानकारों के मुताबिक विदेशी शेयर बाजारों में आई मंदी का असर भी यहां दिखा। अमेरिकी मार्गेट
संकट ग्लोबल लेवल पर बाजार की गिरावट में मददगार रही। ............
निवेशकों की पिछले कुछ दिनों से पसंद बनी मिडकैप कंपनियों में भी नुकसान देखा गया। इस वर्ग का
सूचकांक 104.095 अंक नीचे आया। स्माल कैप में 18.27 अंक की बढ़त रही। बैंकेक्स, आटोमोबाइल,कैपि
टल गुड्स, आईटी, आयल एंड गैस और रीयलिटी के सूचकांकों में भी तेज गिरावट दर्ज की गयी। छोटी
कंपनियों को मिलते समर्थन से बीएसई में कुल कारोबार के लिहाज से रुख सकारात्मक रहा।
ग्लोबलाइजेशन और सेंसेक्स
2007 तक सीन यह हो गया है कि सेंसेक्स अब ग्लोबल कारकों का खासा असर पड़ता है। और यह बात
रिपोर्टिंग और शीर्षकों में साफ तौर पर चिन्हित की जाती हैः
दैनिक जागरण 21 नवंबर, 2007, पेज नंबर 10, दो कालम
ग्लोबल मंदी में सेंसेक्स ने लगाया 353 अंकों का गोता
मुंबई भाषा-विदेशी बाजार में मंदी के असर से मंगलवार को सेंसेक्स ने 353 अंकों का जबर्दस्त गोता
लगाया। आईटी, आयल एंड गैस और रीयल इस्टेट कंपनियों के शेयरों में गिरावट से बंबई स्टाक एक्सचेंज
का संवेदी सूचकांक लुढ़ककर 19280.80 बिंदु पर बंद हुआ। .............बाजार विश्लेषकों के अनुसार
अमेरिका के जोखिम वाले ऋण बाजार की बढ़ती चिंता गिरावट में मददगार रही। .............
दैनिक जागरण 23 नवंबर, 2007, पेज नंबर 10, दो कालम
तेल की धार में फिर फिसला सेंसेक्स
मुंबई एजेंसियां- तेल की धार में भारतीय शेयर बाजार बृहस्पतिवार को लगातार छठे दिन फिसलते रहे।
अमेरिकी वित्त बाजार की माली हालत बिगड़ने से ढलान पर आया सेंसेक्स। ...........अब तक नि
वेशकों फायदा पहुंचा रहे मिडकैप और स्माल कैप खंड के शेयरों को भी भारी झटका लगा
। ...........
सोने पर लंदन की लुढ़कती खबर
नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली , 21 नवंबर, 2007 के पेज नंबर 14 के शीर्ष पर इंगलिश में दर्ज है-THE
ECONOMIC TIMES- और इसमें सोने-चांदी के भावों की खबर इस प्रकार है-
नवभारत टाइम्स 21 नवंबर, 2007, पेज नंबर 14, चार कालम का शीर्षक-
एनएनएस, नई दिल्ली
लंदन की लुढ़कती खबर से मंगलवार को सर्राफा में फिर मंदे का माहौल हो गया। चांदी हाजिर 300
रुपये और सोना 100 रुपये टूट गया। स्थानीय विदेशी विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डालर दोपहर
के वक्त 39.34 रुपये पर कुछ सुधरा हुआ था। हालांकि खाड़ी देशों द्वारा डालर के मुकाबले अपनी
करंसी दर ऊंची रखने की संभावना जताई गई। हालांकि विदेशी मुद्रा बाजार में रिजर्व बैंक डालर की
लिवाली में बताया गया।........
....पिछले कुछ समय से निवेशकों व सटोरियों की दिशाहीन सट्टेबाजी से हाजिर मार्केट भी डावांडो
ल हो रहा है। इसके कारण ब्याह शादियों के लिए भी जूलर्स के उत्साह कमजोर पड़ गया।
मिडकैप का चलन....
स्टाक बाजार में नयी तरह के बदलाव हो रहे थे। सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, छोटी और मंझोली
कंपनियां भी निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन रही थीं। मंझोले आकार की कंपनियों को स्टाक बाजार
में मिडकैप बोला जात है। मिडकैप का जिक्र रिपोर्टिंग में होने लगा है-
राष्ट्रीय सहारा, 24 नवंबर, 2007, पेज नंबर 14, पेज का नाम मार्केट
सिंगल कालम की रिपोर्ट
शेयर बाजारों में लौटी रंगत सेंसेक्स उछला 327 अंक
मुंबई 23 नवंबर (एजेंसी) धातु, अचल संपत्ति, इंजीनियरिंग औऱ तेल क्षेत्र की कंपनियों को
मिले जोरदार समर्थन से देश के शेयर बाजारों में आज पिछले छह दिनों की गिरावट के बाद रंगत लौट
आई। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेनसेक्स 327 और नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) 89 अंक की
छलांग के साथ बंद हुए। यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में सुधार के साथ मुद्रास्फीति की दर में
गिरावट के बाद सुधार की संभावना बनी हुई थी। ............सेनसेक्स की राह पर चले बीएसई के
मिडकैप और स्मालकैप में भी अच्छा सुधार दिखा। ............
हेडिंग, रिपोर्टों में अंग्रेजी का चलन
नवभारत टाइम्स 23 नवंबर, 2007 पेज नंबर 13 के ऊपर दर्ज है, इंगलिश में-
THE ECONOMIC TIMES
शीर्षक- बीएसई सेंसेक्स 76 पाइंट डाउन
वार्ता मुंबई
अमेरिकी इकानमी की मंदी के डर ने स्टाक मार्केट्स को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। ग्लोबल स्टाक
मार्केट्स की राह पर चलते हुए देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार छठे दिन गिरावट का रुख
रखा। ......साउथ ईस्ट एशिया के बाजारों में मिलाजुला रुख दिखा।
नवभारत टाइम्स, 24 नवंबर, 2007 पेज नंबर 13 पेज के ऊपर दर्ज है, इंगलिश में-
THE ECONOMIC TIMES
शीर्षक –लौटी बाजार की रौनक सेंसेक्स 327 पाइंट अप
बाजार रिपोर्टिंग में इंगलिश के शब्द भरपूर आने लगे हैं।
शेयर बाजार ग्लोबलाइज हो रहे हैं, शेयर बाजार रिपोर्टिंग इंग्लिशाइज हो रही है।
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